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करता नहीं

बदल जाता है हर रिश्ता वक़्त के साथ 
दिल ये सच भी स्वीकार करता नहीं

वो जो कहता था साथ जीवनभर रहूँगा 
फ्रेंड रिक्वेस्ट भी एक्सेप्ट करता नहीं 

सचमुच नाराज़गी हो तब भी मना लेता 
झूठी कोशिश भी अब वो करता नहीं 

आँख खुलती रोज़ गुड-मॉर्निंगसे जिसकी 
मैसेजके रिप्लाई भी अब करता नहीं 

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