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गणेश वंदना

गजानन हो स्वीकार ये अर्चना 
कार्य जो भी कठिन हो सुगम कीजिये 
निवेदन है प्रथमेश कविता का ये 
लेखनी की त्रुटि सारी हर लीजिये 

व्याकरण और भाषा का संधान हो 
ऐसे छंदों की रचना करवाइये 
जो भी शब्दों में कमियाँ दिखाई पड़ें 
भावना की सच्चाई से भर दीजिये 

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