Skip to main content

तबीयत मेरी

तबीयत मेरी भी अब पेहले सी रही कहाँ 
हर वक़्त, हर किसीको मिल जाता नहीं 
नीम के पत्तोंका ज़ायका भा गया शायद 
बाज़ारू मीठे पकवान जल्द खाता नहीं 

शुक्र भगवानका, संभाल लेता है मुश्किलमे 
और ये भी के कभी एहसान जताता नहीं 
दोस्त वो भी हैं, वक़्त के हिसाबसे मिलते हैं 
बात करता तो हूँ पर अब बातमें आता नहीं 

कुछ उम्र का लिहाज़, कुछ खौफ ज़मानेका 
नयी कलियोंको देख पेहलेसा मुस्कुराता नहीं 
नज़र से नज़र का मिलना इत्तेफ़ाक़ ही समझो  
यूँ दिल हर किसीसे अब लगाता नहीं 

एक दीदारको मीलों पैदल चला करते थे कभी 
जबसे शहर छोड़ा है उसने, सैर पर जाता नहीं 
सुबह सुबह उनकी तस्वीर देख लिया करता हूँ 
नमाज़ छोड़ दी है मैंने, अब सजदे भी जाता नहीं

Comments

Popular posts from this blog

मुलाक़ात होती नहीं

उससे ख़ूबसूरत कोई बात होती नहीं, कमबख्त मगर रोज़ मुलाक़ात होती नहीं दिन आता-जाता है, शोरोगुल के साथ नब्ज़ दोहराती है तुझे हर धड़कन के बाद मुश्किल है गुज़र यह रात होती नहीं कमबख्त मगर रोज़ मुलाक़ात होती नहीं यादों ने बसा रक्खा है घरोंदा सा दिल में सोचते हैं तुझको तन्हाई में, महफ़िल में फिर भी अक्सर तू मेरे साथ होती नहीं कमबख्त मगर रोज़ मुलाक़ात होती नहीं झलकते हैं नग्मों में फ़सानों में महकते हैं  बसते हैं ख्यालों में ख्वाबों ही में मिलते हैं इतनी नज़दीकी में भी पास वो होती नहीं  कमबख्त मगर रोज़ मुलाक़ात होती नहीं बैठे हैं आज फिर करने को यह फ़रियाद क्या आओगे मिलने, मेरे मरने के बाद? हद है अब के जुदाई, बर्दाश्त यह होती नहीं कमबख्त मगर रोज़ मुलाक़ात होती नहीं

Koshish...

कोशीश कर के देखिये चाहे जो हो हाल अच्छा - बुरा समय हो फिर भी, मत हो जी बेहाल बून्द बून्द सागर है भरता, कह गए तुलसीदास उद्यम हिम्मत परिश्रम से मिटते, जग के सब जंजाल रास्ते में कां...

ऐसा क्या है जो ये हो नहीं सकता

ऐसा क्या है जो ये हो नहीं सकता  हूँ इंसान मैं भी, क्यों रो नहीं सकता  तेरा ग़म है तुझसे ज़्यादा अज़ीज़  तुझे खो दिया, इसे खो नहीं सकता  कुशल तैराक हूँ, येही सोच कूदे थे ना  क्या लगा, इश्क़, मुझे डुबो नहीं सकता आँखोंके दरियामें उसके सयाने हुए गुम  मैं तो फिर दीवाना, क्यूँ खो नहीं सकता  बेवफा केह दिया ज़रासी नाराजगीमें मुझे  रूह पे लगाया है दाग, ये धो नहीं सकता  जवाब उनके भी हैं, सवाल जो पूछे ही नहीं  दिल पर इतना बोझ, अब ढो नहीं सकता  मेरा हो ना हो, खुश वो सदा रहे, दुआ मेरी  यदि भाव ये ना हों तो वो प्रेम हो नहीं सकता