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वही दे

शायरोंके दिलमे सुलगती ज्वाला भी वही दे 
गुमनाम अन्धेरोंसे उबारे वो उजाला भी वही दे 

तेरा वो राम जिसने जन्म दिया, कर्म दिया 
दिया है पेट तो हर निवाला भी वही दे 

ये नहीं के मयकशीसे किनारा कर लिया 
पी लेंगे हँसके ज़हर जो प्याला भी वही दे 

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